happy guru nanak jayanti

गुरु नानक का जन्म 1469 तलवंडी में हुआ था जो वर्तमान समय में पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में स्थित है। गुरु नानक बचपन से बुद्धिमान थे व् उनकी अलग अलग भाषा बोलने में रूचि थी इसके आलावा उनको अरबी और फारशी भाषा का भी ज्ञान था। गुरु नानक जन्मोत्सव को प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है । ननकाना गुरुद्वारा पाकिस्तान में स्थित है। अत: वहाँ पर भी बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है। कई हफ्ते पहले ही सभी गुरूद्वारे को बहुत भव्य तरीके से साजाया जाता है। सभी धर्म के लोग गुरु नानक देव के गुरूद्वारे में दर्शन के लिए जाते है। सभी गुरुद्वारों में सूंदर भजन की व्यवस्था की जाती है। लंगर लगाए जाते है। गुरुनानक सिख समुदाय की प्रथम गुरु थे। गुरु नानक जी ने सिख समुदाय की सबसे पहले नीव रखी थे। गुरु पर्व के दिन सुबह सुबह जुलुस निकाले जाते है सीखो द्वारा और फेरी निकाली जाती है। गुरु नानक जी का मूर्ति पूजन में विश्वास नहीं था और इसके खिलाफ थे अपने नियम और सिद्धांत के प्रचार के लिए उन्होंने अपना घर भी त्याग दिया था व् सिख समुदाय का प्रचार किया । उन्होंने सन्यासी का रूप ले लिया था व उनका उद्देश्य था की हर तबके के कमजोर और निर्धन लोगो की सहायता करे । गुरु नानक जी अपने सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए सभी धर्मो के लोगो से मिलते थे व् ईस्वर एक है होने का संदेश देते थे । वह सभी धर्मो को महत्व दिया करते थे।